NEET के शीर्ष दो स्कोरर्स ने परीक्षा विवाद पर अपनी राय रखी। उनका कहना है कि शांतिपूर्ण विरोध करना हर नागरिक का लोकतांत्रिक अधिकार है। उन्होंने छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से लेने की आवश्यकता बताई। उनका मानना है कि केवल विरोध से समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकलेगा। शिक्षा व्यवस्था में व्यापक और पारदर्शी सुधार जरूरी हैं। परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय बनाया जाना चाहिए। पेपर लीक जैसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई की जरूरत बताई गई। उन्होंने कहा कि ईमानदार छात्रों का विश्वास बनाए रखना सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। निष्पक्ष जांच और जवाबदेही से ही व्यवस्था मजबूत होगी। उनका मानना है कि सुधार और पारदर्शिता ही भविष्य में ऐसे विवादों को रोकने का प्रभावी रास्ता हैं। Source: Source Post navigation 35 साल पुराने स्कूल की मरम्मत पर 32 लाख खर्च, तीन साल में भवन में आईं दरारें; गुणवत्ता पर उठे सवाल NEET पेपर लीक पर छात्रों का उबाल, लोकतंत्र और न्याय की परीक्षा