उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में शिक्षक भर्ती में फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। 12,460 शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के तहत नियुक्त सात शिक्षकों की सेवा समाप्त कर दी गई है। जांच में सामने आया कि इन शिक्षकों ने फर्जी TET और डीएलएड अंकपत्रों के आधार पर नौकरी हासिल की थी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. गोरखनाथ पटेल ने सभी सात शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की है। उन्होंने तत्काल प्रभाव से उनकी सेवाएं समाप्त करने के आदेश जारी किए। साथ ही संबंधित शिक्षा अधिकारियों को आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। एफआईआर की एक प्रति बीएसए कार्यालय में जमा करने को भी कहा गया है। विभाग ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया है। फर्जी दस्तावेजों के जरिए नौकरी पाने वालों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहने की संभावना है। मामले की जांच के बाद अन्य संदिग्ध नियुक्तियों की भी समीक्षा की जा सकती है। Source: Source Post navigation पेपर लीक कानून होगा और सख्त, दोषियों को 10 साल तक जेल और 1 करोड़ रुपये तक जुर्माने का प्रावधान पेपर लीक पर सख्ती की तैयारी, सरकार बढ़ा सकती है नकल विरोधी कानून में सजा की अवधि