छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने आवारा कुत्तों के काटने की बढ़ती घटनाओं पर सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने कहा कि केवल योजनाएं बनाना पर्याप्त नहीं है। डॉग बाइट और रेबीज के खतरे को रोकने के लिए लगातार निगरानी जरूरी है। हाईकोर्ट ने राज्य में कुत्तों के हमलों से जुड़ी स्थिति पर चिंता जताई। अदालत ने संबंधित अधिकारियों को प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। सुनवाई के दौरान राष्ट्रीय और राज्य स्तर की नीतियों के पालन पर भी चर्चा हुई। कोर्ट ने कहा कि लोगों की सुरक्षा के लिए जमीनी स्तर पर कार्रवाई जरूरी है। आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए नियमित समीक्षा की आवश्यकता बताई गई। प्रशासन को योजनाओं के क्रियान्वयन पर ध्यान देने को कहा गया है। हाईकोर्ट के निर्देश से डॉग बाइट और रेबीज नियंत्रण की व्यवस्था को बेहतर बनाने की उम्मीद है।

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