हिमाचल प्रदेश के उपभोक्ता आयोग ने इंटरनेट सेवा में लगातार बाधा आने के मामले में JioFiber के खिलाफ फैसला सुनाया है। आयोग ने कंपनी को ग्राहक को 10 हजार रुपये का मुआवजा देने का निर्देश दिया। मामले में सेवा में कमी और अनुचित व्यापारिक व्यवहार के आरोप लगाए गए थे। ग्राहक ने कई बार इंटरनेट बंद होने की शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। सुनवाई के दौरान कंपनी पर्याप्त तकनीकी साक्ष्य पेश नहीं कर सकी कि समस्या का समाधान कर दिया गया था। आयोग ने इसे सेवा में लापरवाही माना। साथ ही कंपनी को इंटरनेट कनेक्शन बहाल करने का भी निर्देश दिया गया। आयोग ने कहा कि ग्राहकों को गुणवत्तापूर्ण सेवा देना सेवा प्रदाताओं की जिम्मेदारी है। यह फैसला उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भविष्य में ऐसी शिकायतों पर सेवा प्रदाताओं को अधिक जवाबदेह रहने का संदेश भी दिया गया है। Source: Source Post navigation ‘चलो संसद’ मार्च पर दिल्ली हाई कोर्ट ने CBI-NIA जांच से किया इनकार, NEET मुद्दे पर वार्ता जारी NEET प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर लाठीचार्ज का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, 27 जुलाई को सुनवाई