भारत के विदेश मंत्रालय ने एमवी गोल्डन लियो जहाज के माल को लेकर रूस के दावे को खारिज कर दिया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि जहाज हथियार नहीं, बल्कि अनाज लेकर जा रहा था। यह बयान रूस के उस दावे के विपरीत है जिसमें जहाज पर अलग तरह का माल होने की बात कही गई थी। जहाज पर हुए हमले में चार भारतीय नाविकों की जान चली गई थी। भारत ने इस घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त की है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस मुद्दे को रूस के विदेश मंत्री के साथ हालिया बैठक में भी उठाया गया। भारत ने वाणिज्यिक जहाजों और नाविकों पर हमलों को पूरी तरह अस्वीकार्य बताया। सरकार ने समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। भारत ने अंतरराष्ट्रीय कानूनों और समुद्री सुरक्षा मानकों के पालन की मांग दोहराई। सरकार ने कहा कि निर्दोष नागरिकों और व्यापारिक जहाजों को किसी भी परिस्थिति में निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। Source: Source Post navigation वेस्ट बैंक में झड़प के दौरान चार फिलिस्तीनी और दो इजरायली सैनिकों की मौत स्कॉटलैंड में प्राचीन पीटलैंड को बचाने की पहल, लगाए गए पेड़ों को अब हटाया जा रहा