वन भूमि पर किए गए अतिक्रमण को हटाने के लिए प्रशासन ने अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान कई स्थानों से कब्जे हटाए गए। इस कदम के बाद प्रभावित किसानों में नाराजगी देखने को मिली। किसानों का कहना है कि वे लंबे समय से इन जमीनों पर खेती कर रहे थे। उन्होंने आजीविका छिनने का आरोप लगाते हुए विरोध जताया। कुछ किसानों ने समस्या का समाधान नहीं होने पर आत्महत्या करने की चेतावनी दी है। प्रभावित लोगों ने प्रशासन से वैकल्पिक व्यवस्था और राहत की मांग की। अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई कानून के तहत की गई है। प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखी है और आवश्यक कदम उठाने की बात कही है। मामले को लेकर क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। प्रशासन और प्रभावित किसानों के बीच समाधान निकालने के प्रयास जारी हैं। Source: Source Post navigation 25 जुलाई को उत्तर केरल में येलो अलर्ट, भारी बारिश की आशंका महालक्ष्मी मंदिर संरक्षण कार्यों में खामियों का आरोप, कार्यकर्ताओं ने उठाए सवाल