जंतर-मंतर पर फेस रिकग्निशन तकनीक के इस्तेमाल को लेकर दिल्ली पुलिस ने अपना पक्ष रखा है। पुलिस ने कहा कि इस तकनीक का उद्देश्य जासूसी करना नहीं है। अधिकारियों के अनुसार इसका इस्तेमाल केवल वांछित अपराधियों की पहचान के लिए किया जा रहा है। पुलिस ने निगरानी से जुड़े आरोपों को खारिज किया है। यह बयान तकनीक के उपयोग को लेकर उठे सवालों के बीच आया है। पुलिस ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए आधुनिक तकनीकों का सहारा लिया जा रहा है। अधिकारियों ने कहा कि कानून के तहत प्रक्रिया का पालन किया जाता है। फेस रिकग्निशन प्रणाली के इस्तेमाल को लेकर पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया गया है। मामले में सुरक्षा और निजता के बीच संतुलन पर चर्चा जारी है। दिल्ली पुलिस ने लोगों को भरोसा दिलाने की कोशिश की है कि तकनीक का उपयोग सीमित उद्देश्य के लिए किया जा रहा है।

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