झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्रों का आंदोलन जारी है। इस बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि सरकार छात्रों से बातचीत के लिए तैयार है। भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्र लगातार अपनी मांगें उठा रहे हैं। आंदोलन के बीच राजनीतिक माहौल भी गरमा गया है। भाजपा नेता नेहा बोरा पर स्याही फेंके जाने की घटना के बाद विवाद और बढ़ गया है। इस घटना को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों ने अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं। सरकार ने संवाद के माध्यम से मामले का समाधान निकालने की बात कही है। छात्र संगठन भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। आंदोलन को लेकर प्रशासन और सरकार दोनों की नजर बनी हुई है। स्याही फेंकने की घटना ने राज्य की राजनीति में नया मुद्दा खड़ा कर दिया है। मामले को लेकर आगे की रणनीति पर राजनीतिक दलों और छात्र संगठनों की नजर है। Source: Source Post navigation छत्तीसगढ़ में झोलाछाप डॉक्टरों पर मंत्री जायसवाल का बयान, विधायक अटल श्रीवास्तव ने उठाए सवाल फरीदाबाद नगर निगम को मिला नया कमिश्नर, यशेंद्र सिंह संभालेंगे स्मार्ट सिटी की जिम्मेदारी