हरियाणा के नारनौल में बाबा खेतानाथ राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज के छात्रों के लिए हॉस्टल की सुविधा नहीं है। इसके कारण सैकड़ों छात्र-छात्राएं आसपास के गांवों और कॉलोनियों में निजी पीजी में रहने को मजबूर हैं। छात्रों की बढ़ती संख्या के साथ निजी पीजी की मांग भी तेजी से बढ़ी है। आरोप है कि कुछ लोगों ने कृषि भूमि पर बिना जरूरी अनुमति के दो से तीन मंजिला पीजी भवन बना दिए हैं। कई भवनों के नगर परिषद से नक्शा स्वीकृत होने पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। पीजी में संकरे रास्ते, सीमित निकास और बिजली व्यवस्था में खामियों की शिकायतें सामने आई हैं। कई जगह फायर एक्सटिंग्विशर, फायर अलार्म और आपातकालीन निकास जैसी सुविधाएं पर्याप्त नहीं होने का आरोप है। ऐसे में आग या अन्य आपात स्थिति में विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई जा रही है। कुछ पीजी में भोजन, पेयजल और रसोई की स्वच्छता को लेकर भी शिकायतें सामने आई हैं। स्थानीय लोगों ने विभिन्न विभागों से पीजी की संयुक्त जांच कराने की मांग की है। जांच में भवन नक्शा, निर्माण की वैधता, फायर एनओसी, अग्नि सुरक्षा, भोजन, पानी और स्वच्छता की स्थिति देखने की मांग की गई है। नगर परिषद के ईओ जोगेंद्र सिंह ने कहा कि फाइलों की जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होगी और नियमों के उल्लंघन पर नोटिस जारी किया जाएगा। छात्रों और स्थानीय लोगों ने कॉलेज में जल्द हॉस्टल बनाने की मांग की है, ताकि निजी पीजी पर निर्भरता कम हो और विद्यार्थियों को सुरक्षित आवास मिल सके।

Source: Source