तमिलनाडु में विजय ने तमिल राष्ट्रगान से जुड़े एक प्रस्ताव को आगे बढ़ाया। उन्होंने मातृभाषा को मां के समान पवित्र बताया। प्रस्ताव में तमिल भाषा के सम्मान और उसकी पहचान पर जोर दिया गया। इस पहल को लेकर राज्य की राजनीति में चर्चा शुरू हुई। सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों के बीच इस मुद्दे पर समर्थन देखने को मिला। DMK ने प्रस्ताव का समर्थन किया। AIADMK ने भी इस पहल के पक्ष में अपना रुख जताया। दोनों प्रमुख दलों का समर्थन प्रस्ताव के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विजय ने तमिल भाषा के गौरव और सम्मान को प्रमुखता देने की बात कही। प्रस्ताव के जरिए तमिल पहचान और भाषा से जुड़े भावनात्मक मुद्दे को उठाया गया है। मातृभाषा के प्रति सम्मान को लेकर राजनीतिक दलों के बीच सहमति सामने आई है। इस घटनाक्रम से तमिल भाषा को लेकर राजनीतिक बहस और तेज हो सकती है। Source: Source Post navigation हरियाणा में किसानों का आज जेल भरो आंदोलन, MSP कानून और कर्जमाफी समेत कई मांगों को लेकर प्रदर्शन संसद के बाहर अखिलेश यादव का पोस्टर वार, FCRA और अमित शाह की गैरहाजिरी पर सरकार को घेरा