पंचकूला पुलिस ने अकेले या सिर्फ पति-पत्नी के साथ रहने वाले करीब 1800 बुजुर्गों की पहचान की है। सेक्टर-21 में रिटायर्ड आर्मी कैप्टन की 72 वर्षीय पत्नी की कथित हत्या के बाद अभियान तेज किया गया है। पुलिसकर्मी अब घर-घर जाकर बुजुर्गों का हालचाल और सुरक्षा संबंधी जानकारी जुटा रहे हैं। प्रत्येक थाना क्षेत्र में अकेले रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों की सूची तैयार की जा रही है। बीट कांस्टेबल और स्पेशल एजेंट एसएचओ की निगरानी में बुजुर्गों का सत्यापन कर रहे हैं। पुलिस नाम, उम्र, मोबाइल नंबर और परिवार से जुड़ी जानकारी दर्ज कर रही है। घर में आने-जाने वाले घरेलू सहायकों, किरायेदारों और अन्य लोगों की जानकारी भी जुटाई जा रही है। बुजुर्गों को जरूरत पड़ने पर तत्काल मदद के लिए पुलिस हेल्पलाइन उपलब्ध कराई जा रही है। घरेलू सहायकों और किरायेदारों के पुलिस वेरिफिकेशन पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। 2021 से 2025 के बीच पंचकूला में सिर्फ 394 घरेलू सहायकों के सत्यापन के आवेदन आए थे। इसके मुकाबले इसी अवधि में किरायेदारों के सत्यापन के लिए 17,546 आवेदन मिले। पुलिस रिहायशी इलाकों में CCTV की उपलब्धता और सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा कर रही है। फूड डिलीवरी कर्मचारियों और करीब 600 ऑटो ड्राइवरों का सत्यापन किया जा चुका है। सड़क किनारे बनी अनधिकृत झुग्गियों में रहने वाले लोगों का भी पुलिस सत्यापन कर रही है।

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