अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक पुलिस कांस्टेबल की मौत के 42 दिन बाद चौंकाने वाला मामला सामने आया। मृतक की पत्नी को संदेश मिला कि उनके पति इलाज के बाद ठीक होकर घर चले गए हैं। हैरानी की बात यह रही कि आयुष्मान भारत योजना के रिकॉर्ड में मृत कांस्टेबल का इलाज जारी दिख रहा था। घटना ने अस्पताल के रिकॉर्ड और सरकारी स्वास्थ्य योजना की प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतक कांस्टेबल की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हुई थी। इसके बावजूद योजना के रिकॉर्ड में उसकी उपचार संबंधी जानकारी अपडेट नहीं हुई। पत्नी को संदेश मिलने के बाद मामले की जानकारी सामने आई। इस घटनाक्रम से परिवार भी हैरान रह गया। अब यह जांच का विषय है कि मृत व्यक्ति के नाम पर इलाज का रिकॉर्ड कैसे जारी रहा। मामले में अस्पताल और संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठ सकते हैं। आयुष्मान योजना के रिकॉर्ड में दर्ज जानकारी की जांच की जा रही है। घटना से स्वास्थ्य सेवाओं में डिजिटल रिकॉर्ड की निगरानी और सत्यापन की जरूरत सामने आती है।

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