भारतीय रुपया शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 7 पैसे कमजोर हुआ। रुपया गिरकर 95.40 रुपये प्रति डॉलर के स्तर पर पहुंच गया। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने बाजार की धारणा पर दबाव डाला। भू-राजनीतिक अनिश्चितता के कारण निवेशकों की चिंता बढ़ी है। अमेरिका और ईरान के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर गतिरोध ने बाजार की अस्थिरता बढ़ाई है। विदेशी संस्थागत निवेशक बुधवार को भारतीय इक्विटी बाजार में शुद्ध बिकवाल रहे। FII की बिकवाली से भी रुपये पर दबाव बढ़ा। गुरुवार को शुरुआती कारोबार में भारतीय शेयर बाजार भी कमजोर रहा। वैश्विक जोखिमों के बीच निवेशकों का रुख सतर्क बना हुआ है। कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से भारत के आयात बिल पर भी दबाव पड़ सकता है। रुपये की चाल पर वैश्विक बाजारों और विदेशी निवेश प्रवाह का असर बना हुआ है। Source: Source Post navigation Meta का नया AI एजेंट Muse Glimmer, इंटरनेट के बिना भी करेगा काम; जानें इसकी खासियतें Realme 16x 5G भारत में लॉन्च, 7000mAh बैटरी और 144Hz डिस्प्ले से मचा रहा धूम