महाराष्ट्र में ड्राइवरों के लिए मराठी भाषा संबंधी नए नियम को लेकर बहस तेज हो गई है। नियम का कई ड्राइवर विरोध कर रहे हैं। ड्राइवरों को आशंका है कि नियम तोड़ने पर निलंबन जैसी कार्रवाई से उनकी आजीविका प्रभावित हो सकती है। उनका कहना है कि तत्काल सजा देने के बजाय भाषा सीखने के लिए पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए। ड्राइवरों ने मराठी सीखने के लिए विशेष भाषा कक्षाएं शुरू करने का सुझाव दिया है। कई ड्राइवरों के मुताबिक यात्रियों से बातचीत में भी भाषा को लेकर चुनौतियां आती हैं। उनका कहना है कि ज्यादातर यात्री हिंदी में बातचीत करते हैं। ऐसे में मराठी में संवाद करने की अनिवार्यता उनके लिए मुश्किल पैदा कर सकती है। महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री ने कहा है कि ड्राइवरों के लिए कार्यात्मक मराठी का ज्ञान जरूरी है। उन्होंने बताया कि इसके लिए प्रशिक्षण की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। सरकार का जोर ड्राइवरों को नियम के अनुरूप भाषा कौशल देने पर है। वहीं ड्राइवर तत्काल दंड के बजाय प्रशिक्षण और पर्याप्त समय देने की मांग कर रहे हैं। Source: Source Post navigation स्वतंत्रता दिवस पर झारखंड के 29 पुलिसकर्मी होंगे सम्मानित, एक को मिलेगा राष्ट्रपति पदक सिरसा रोडवेज बस में बिना टिकट यात्री पर कंडक्टर-फ्लाइंग टीम भिड़ी, कंडक्टर की ₹85 की रिपोर्ट