नूंह में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर प्रदर्शनी आयोजित की गई। यह प्रदर्शनी नूंह डीसी कार्यालय में लगाई गई है। इसमें 1947 के भारत-पाकिस्तान विभाजन से जुड़ी तस्वीरें और दस्तावेज प्रदर्शित किए गए हैं। प्रदर्शनी में विभाजन के दौरान हुए विस्थापन, संघर्ष और लोगों के बलिदान को दर्शाया गया है। इसमें उन परिवारों की कहानियों को भी सामने लाया गया है, जिन्होंने विभाजन की त्रासदी को करीब से झेला था। उपायुक्त अखिल पिलानी ने कहा कि देश को आजादी संघर्ष और बलिदानों के बाद मिली। उन्होंने कहा कि विभाजन के दौरान लोगों ने जो पीड़ा झेली, उसे भुलाया नहीं जा सकता। डीसी ने आम लोगों से प्रदर्शनी देखने और इतिहास को समझने की अपील की। उन्होंने कहा कि पूर्वजों और परिवार के बुजुर्गों के त्याग को याद रखना सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रशासन मेवात क्षेत्र के उन अनसुने बलिदानों को भी सामने लाने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए पुराने गजटियर और अन्य सरकारी दस्तावेजों की जांच की जाएगी। मेवात के लोगों के संघर्ष और बलिदान से जुड़ी जानकारी मिलने पर उसे राज्य स्तर पर साझा किया जाएगा। प्रदर्शनी का उद्देश्य विभाजन की त्रासदी के साथ क्षेत्र के लोगों के योगदान को भी सामने लाना है।

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