सुप्रीम कोर्ट ने NEET परीक्षा में सुधारों को लेकर राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी यानी NTA से नई रिपोर्ट मांगी है। अदालत ने जोर दिया कि परीक्षा व्यवस्था में किए जाने वाले बदलाव स्थायी होने चाहिए। कोर्ट ने तदर्थ उपायों के बजाय मजबूत संस्थागत व्यवस्था विकसित करने की जरूरत बताई। NEET की विश्वसनीयता और छात्रों का भरोसा बहाल करना इस प्रक्रिया का अहम हिस्सा है। सरकार की ओर से प्रश्नपत्र की जांच और सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा करने के कदम उठाए जा रहे हैं। परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े 600 विशेषज्ञों को बदलने की भी जानकारी सामने आई है। प्रश्नपत्रों की सुरक्षा और निगरानी को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट का फोकस परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही तय करने पर भी है। अदालत चाहती है कि सुधार केवल तत्काल समस्या का समाधान न होकर लंबे समय तक प्रभावी रहें। NEET से जुड़े विवादों के बीच परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित बनाने की कोशिश की जा रही है। संस्थागत सुरक्षा उपायों को मजबूत करना भी सुधारों का प्रमुख हिस्सा है। कोर्ट की निगरानी में NTA को सुधारों के क्रियान्वयन की स्थिति स्पष्ट करनी होगी। इन कदमों का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ाना है। छात्रों के विश्वास की बहाली को भी सुधार प्रक्रिया की महत्वपूर्ण प्राथमिकता माना जा रहा है। Source: Source Post navigation NEET-UG पेपर लीक विवाद में NTA पर सवाल, 100 अंकों के पेपर के लिए 500 सवालों का बैंक बनाने की बात दूरदराज इलाकों तक दवाएं पहुंचाने वाला सस्ता ऑटोनॉमस विमान बनाया, Kanav Jain बने UK Young Engineer of the Year