बिहार सरकार ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर नई नीति की दिशा में कदम बढ़ाया है। इस नीति के तहत नदियों से निकाली जाने वाली गाद के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जाएगा। गाद का उपयोग ईंट भट्टों में कच्चे माल के रूप में किए जाने की योजना है। इससे नदियों में जमा गाद को हटाने में मदद मिलेगी। गाद हटने से नदियों के जल प्रवाह में सुधार होने की उम्मीद है। नीति का उद्देश्य नदी संरक्षण के साथ संसाधनों का बेहतर उपयोग करना है। ईंट उद्योग को स्थानीय स्तर पर वैकल्पिक कच्चा माल उपलब्ध हो सकता है। इससे ईंट भट्टों की लागत और उत्पादन व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है। सरकार की पहल से पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक गतिविधियों को साथ बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। गाद के उपयोग से नदियों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। इस नीति से ईंट उद्योग से जुड़े लोगों को नए अवसर मिलने की उम्मीद है। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से पर्यावरण और स्थानीय अर्थव्यवस्था दोनों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य है।

Source: Source