फ्रांस ने भारत को 114 राफेल लड़ाकू विमानों की आपूर्ति के लिए विस्तृत प्रस्ताव सौंपा है। इस प्रस्ताव में 94 विमानों के भारत में स्थानीय उत्पादन की योजना शामिल है। भारतीय वायुसेना लंबे समय से अपने लड़ाकू विमान बेड़े के व्यापक आधुनिकीकरण का इंतजार कर रही है। नए विमानों की खरीद की परिकल्पना वर्ष 2000 में शुरू हुई थी। यह सौदा भारतीय वायुसेना की परिचालन क्षमता को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकता है। प्रस्तावित 114 राफेल विमानों से वायुसेना के पुराने बेड़े पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी। स्थानीय उत्पादन से भारत की रक्षा विनिर्माण क्षमता को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। यह परियोजना देश में उन्नत लड़ाकू विमानों के निर्माण और तकनीकी सहयोग का अवसर दे सकती है। नए राफेल विमान मौजूदा सुखोई-30 एमकेआई बेड़े के साथ मिलकर काम करेंगे। इससे भारतीय वायुसेना की लंबी दूरी की मारक क्षमता और परिचालन लचीलापन बढ़ सकता है। लंबे समय से लंबित इस बेड़े के आधुनिकीकरण से वायुसेना की भविष्य की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी।

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