झारखंड के गैंगस्टर अमन साहू की एनकाउंटर में मौत के करीब डेढ़ साल बाद रायपुर की अदालत ने उसके खिलाफ दर्ज मामले में फैसला सुनाया है। गंज थाना क्षेत्र में दर्ज डकैती की साजिश और रंगदारी के मामले में अदालत ने अमन साहू समेत सात आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया। मामले में फैसला 18 अगस्त 2026 को सुनाया गया। आरोपियों में रोहित स्वर्णकार, मुकेश कुमार, देवेंद्र सिंह, राजबेर सिंह, पप्पू सिंह और सुनील कुमार भी शामिल थे। पुलिस ने आरोपियों पर डकैती की साजिश, रंगदारी और आपराधिक षड्यंत्र समेत कई धाराओं में केस दर्ज किया था। अभियोजन पक्ष पर आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य पेश नहीं कर पाने की बात सामने आई है। बचाव पक्ष के अनुसार पुलिस कथित साजिश और हथियारों से जुड़े आरोपों को ठोस तरीके से साबित नहीं कर सकी। मामले में एक आरोपी की पहचान को लेकर भी अदालत में सवाल उठे थे। पुलिस ने शुरुआती जांच में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था और बाद में कथित पिस्टल सप्लायर को भी पकड़ा था। पुलिस का दावा था कि आरोपियों की योजना रायपुर में बड़ी वारदात को अंजाम देने की थी। अमन साहू को मार्च 2025 में रायपुर से झारखंड ले जाते समय पलामू में पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई थी। कोर्ट की वेबसाइट पर फिलहाल फैसले की विस्तृत आदेश प्रति अपलोड नहीं हुई है। इसलिए दोषमुक्ति के विस्तृत आधार और साक्ष्यों पर अदालत की टिप्पणी आदेश की प्रति सामने आने के बाद स्पष्ट होगी।

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