राजनांदगांव के ग्राम ढाबा में कृषि भूमि के सीमांकन को लेकर विवाद गहरा गया है। किसानों ने राजस्व अमले, पुलिस और एक निजी संस्था पर बिना वैध लिखित आदेश के खेत में घुसने का आरोप लगाया है। किसानों का दावा है कि विरोध करने पर उनके साथ मारपीट और अभद्रता की गई। उन्होंने पुलिस अधीक्षक, पुलिस महानिरीक्षक और मुख्यमंत्री से लिखित शिकायत कर निष्पक्ष जांच की मांग की है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार उनकी करीब 50 एकड़ पुश्तैनी जमीन पर धान की फसल खड़ी है। किसानों ने बताया कि भूमि से संबंधित मामला न्यायालय में विचाराधीन है। उनके अनुसार 6 अगस्त को राजस्व अमला सीमांकन के लिए पहुंचा था, लेकिन खड़ी फसल के कारण कार्रवाई नहीं हो सकी। उस समय पंचनामा तैयार कर टीम वापस लौट गई थी। किसानों का आरोप है कि 14 अगस्त को राजस्व अधिकारी और पुलिसकर्मी दोबारा खेत में पहुंचे। उन्होंने दावा किया कि अधिकारियों ने कलेक्टर और जिला एवं सत्र न्यायाधीश के मौखिक आदेश का हवाला दिया। लिखित आदेश मांगने पर कथित तौर पर पुराना तहसीलदार आदेश दिखाया गया। किसानों ने निजी संस्था एसएस इंटरप्राइजेज के संचालक के साथ राजस्व कर्मचारियों की मिलीभगत का भी आरोप लगाया है। उन्होंने अधिकारियों, पुलिसकर्मियों और संबंधित निजी संस्था की भूमिका की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। Source: Source Post navigation 3 साल के बच्चे की मौत के बाद बलरामपुर में सख्ती, झोलाछाप डॉक्टरों के 4 क्लीनिक सील हांसी में सफाई कर्मियों का प्रदर्शन, ठेका प्रथा खत्म कर नियमित भर्ती की मांग