बिलासपुर के चांटीडीह में मृत व्यक्ति की बेशकीमती जमीन हड़पने का मामला सामने आया है। आरोप है कि फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र के आधार पर जमीन का नामांतरण कराया गया। इसके बाद जमीन को 12 अलग-अलग टुकड़ों में बांटकर बेच दिया गया। मामले में फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल का आरोप लगाया गया है। जमीन की कीमत काफी अधिक बताई जा रही है। नामांतरण की प्रक्रिया में फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र का इस्तेमाल किए जाने से प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठे हैं। जमीन को अलग-अलग हिस्सों में बेचने के बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ। मामले से जुड़े दस्तावेजों और नामांतरण की प्रक्रिया की जांच की जा सकती है। संबंधित पक्षों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है। जमीन के वास्तविक मालिक और उत्तराधिकार से जुड़े तथ्यों की पड़ताल जरूरी है। फर्जी दस्तावेजों के जरिए संपत्ति हड़पने का यह मामला गंभीर माना जा रहा है। जांच के आधार पर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

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