सहारनपुर की राजनीति में लंबे समय से प्रभाव रखने वाले काजी परिवार का आंतरिक संघर्ष अब सार्वजनिक हो गया है। दशकों तक परिवार का राजनीतिक प्रभाव मजबूत रहा है। अब परिवार के भीतर की खींचतान खुलकर सामने आ गई है। चाचा-भतीजे के बीच राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को लेकर टकराव बढ़ा है। ससुर और दामाद के बीच भी सियासी मतभेद उभरकर सामने आए हैं। परिवार की अंदरूनी कलह अब बंद कमरों तक सीमित नहीं रही। यह विवाद सार्वजनिक मंचों और राजनीतिक गलियारों तक पहुंच गया है। काजी परिवार की चौथी पीढ़ी की राजनीतिक भूमिका भी इस संघर्ष का अहम हिस्सा बन गई है। अलग-अलग सदस्यों की महत्वाकांक्षाओं ने पुराने राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित किया है। परिवार के बीच बढ़ता संघर्ष सहारनपुर की सियासत में चर्चा का विषय बन गया है। Source: Source Post navigation महाराष्ट्र में कैबिनेट बैठक का शेड्यूल अचानक बदला, सोमवार को होगी बैठक; सियासी हलचल तेज धार्मिक यात्राओं के खर्च पर सांसद धर्मवीर गांधी के सवाल, AAP का पलटवार; कांग्रेस से मांगा रुख