प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात में पत्रकारों के सवालों को लेकर विवाद सामने आया है। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने दावा किया था कि भारत पूरी प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं चाहता था। उनके बयान के बाद भारत सरकार के रुख पर सवाल उठने लगे। सरकार के सूत्रों ने अब इस मामले में स्पष्टीकरण दिया है। सूत्रों के अनुसार, किसी भी VVIP दौरे से पहले नेताओं के सार्वजनिक कार्यक्रमों की व्यवस्था पर चर्चा करना सामान्य प्रक्रिया है। भारतीय पक्ष ने अमेरिकी अधिकारियों के साथ अपनी मानक प्रक्रिया की जानकारी साझा की थी। सरकार ने इसे किसी खास नेता के सवालों से बचने की कोशिश के तौर पर पेश नहीं किया है। VVIP यात्राओं में मीडिया की मौजूदगी और नेताओं के सार्वजनिक कार्यक्रमों की रूपरेखा पहले से तय की जाती है। सर्जियो गोर ने दावा किया था कि भारतीय पक्ष सवाल-जवाब सीमित रखना चाहता था। उनके अनुसार, इस मुद्दे पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भी जानकारी दी गई थी। भारत सरकार के सूत्रों ने कहा कि ऐसी व्यवस्थाओं पर पहले से बातचीत होना असामान्य नहीं है। इस सफाई के बाद विवाद को लेकर सरकार ने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। Source: Source Post navigation PM मोदी-ट्रंप मुलाकात में ‘नो क्वेश्चन’ टिप्पणी पर सरकार की सफाई, कहा- VVIP दौरों में सामान्य प्रक्रिया भरत तिवारी के घर पहुंचे पवन सिंह, बहन से बंधवाई राखी; बोले- न्याय दिलाकर रहूंगा