मिजोरम की एक महिला ने मीजो मैरिज एंड डिवोर्स एक्ट 2014 में हुए संशोधनों को चुनौती दी है। इस मामले को लेकर महिला ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए मामले को हाईकोर्ट ले जाने की सलाह दी। अदालत ने कहा कि इस मामले की सुनवाई हाईकोर्ट में ही होनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने मामले को गुवाहाटी हाईकोर्ट की प्रिंसिपल बेंच के समक्ष रखने को कहा। अदालत के अनुसार विवाद का निपटारा हाईकोर्ट स्तर पर किया जाना उचित है। याचिकाकर्ता ने मिजोरम मैरिज एक्ट में किए गए संशोधनों की वैधता पर सवाल उठाया है। मामले में संबंधित कानूनी प्रावधानों को लेकर न्यायिक समीक्षा की मांग की गई है। सुप्रीम कोर्ट ने सीधे मामले की सुनवाई करने के बजाय हाईकोर्ट का रास्ता सुझाया। अब याचिकाकर्ता गुवाहाटी हाईकोर्ट की प्रिंसिपल बेंच में मामला उठा सकती हैं। Source: Source Post navigation आरक्षण विरोधी टिप्पणी के मामले में यूट्यूबर अजीत भारती पर SC-ST एक्ट के तहत केस दर्ज पति-पत्नी के दोबारा साथ रहने से पुरानी क्रूरता माफ नहीं होती: कलकत्ता HC ने तलाक बरकरार रखा