प्रतापपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत नरोला की सरकारी राशन दुकान में वितरण में अनियमितता का मामला सामने आया है। दुकान के स्टॉक में 348 क्विंटल चावल की कमी पाई गई। इसके अलावा चना और शक्कर के गबन के भी आरोप लगाए गए हैं। ग्रामीणों ने जुलाई और अगस्त का राशन नहीं मिलने की शिकायत की थी। उन्होंने राशन वितरण में गड़बड़ी का आरोप भी लगाया था। शिकायत के बाद खाद्य विभाग के निर्देश पर फूड इंस्पेक्टर शशि जायसवाल ने दुकान का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उपलब्ध स्टॉक और संबंधित दस्तावेजों की जांच की गई। जांच में 348 क्विंटल चावल की कमी सामने आई। इसके बाद राशन दुकान संचालित करने वाले समूह को निलंबित कर दिया गया। निलंबित समूह को शासकीय उचित मूल्य दुकान धोनधा से संबद्ध किया गया है। विभाग ने समूह को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है। ग्रामीणों ने फर्जी अंगूठा लगवाकर राशन नहीं देने का आरोप लगाया है। उन्होंने लाखों रुपये के गबन की आशंका जताते हुए राशन आवंटन, उठाव और वितरण का रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की मांग की है। ग्रामीणों का दावा है कि समिति का संचालन एक भाजपा नेता के परिजन करते हैं और मामले को दबाने की कोशिश की गई। Source: Source Post navigation झिलमिली TMC स्टोर में 47 लाख की चोरी, अगली रात फिर घुसे दो दर्जन से ज्यादा चोर शौच के लिए निकले बुजुर्ग की नहर में मिली लाश, हादसा या साजिश की जांच में जुटी पुलिस