बिलासपुर नगर निगम पर 309 करोड़ रुपये के बकाया बिजली बिल का दबाव है। भुगतान नहीं होने के कारण शहर के 40 स्थानों की स्ट्रीट लाइट काटी गई हैं। इसके बाद निगम ने राजस्व वसूली को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। नगरीय प्रशासन सचिव सोनमणि बोरा के निर्देश के बाद कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्वे ने अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने राजस्व वसूली तेज करने और रिकॉर्ड ऑनलाइन अपडेट करने के निर्देश दिए। निगम का स्थापना खर्च करीब 5.50 करोड़ रुपये प्रति माह बताया गया है। प्रॉपर्टी टैक्स और जलकर की सालाना मांग करीब 132 करोड़ रुपये है। इसमें से पिछले महीने तक लगभग 30 करोड़ रुपये की वसूली हुई थी। निगम की आय कम होने की वजह पुराने जनसंख्या आंकड़ों पर आधारित राजस्व व्यवस्था को भी बताया गया। 2011 में करीब पांच लाख की आबादी अब बढ़कर लगभग 10 लाख हो गई है। पुराने बाजारों की दुकानों का किराया भी लंबे समय से पुरानी दरों पर होने से राजस्व नुकसान हो रहा है। कमिश्नर ने जलकर को प्रॉपर्टी टैक्स से जोड़ने और सभी संपत्तियों का रिकॉर्ड ऑनलाइन करने को कहा। बाजार, होर्डिंग और अन्य बकाया मदों से वसूली बढ़ाने के साथ अतिक्रमण और अवैध प्लाटिंग पर कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए।

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