पंजाब की राजनीति फिर से गरम हो रही है। राज्य के प्रमुख नौ नगर निगम – अमृतसर, लुधियाना, जालंधर, पटियाला, मोहाली, फतेहgarh, प्रवासी, श्रीनगर (पंजाब के मतभेद) और चंडीगढ़ के निकटस्थ मुख्यालयों में 2026 के नगर निगम चुनावों की तैयारियां तेज़ी से चल रही हैं। पंजाब के चुनाव उपस्थिति आयोग ने इस साल की पहली तिमाही में फ़ाइलों का ब्योरा दे दिया, जिसमें मतदान तिथि के तौर पर मई के अंत का प्रस्ताव रखा गया है। भाजपा, कांग्रेस, शारद मुल्ला की नई पार्टी और अत्यधिक प्रभावी AAP की जमीनी बैठकों ने दोनों ओर से अपना दावेदारी बढ़ा दी है। सभा‑शैली, बैनर, सोशल मीडिया टकराव और स्थानीय मुद्दे—जैसे जल प्रबंधन, कचरा निपटान, सार्वजनिक परिवहन—मुख्य चुनावी एजेंडा बन चुके हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मौसमी बारिश और प्रशासनिक बाधाओं को ठीक से संभाला गया तो मई के आखिरी हफ्ते में मतदान संभव है, जिससे अगले साल की शहरी नीतियों का दिशा-निर्धारण तय होगा। Post navigation रेतीले हाइवे पर तेज़ रफ़्तार ने मारी दो युवाओं की जान, सड़कों पर सुरक्षा बिगड़ी क्या प्रीमियर लीग क्लब फिर से यूरोपीय जगह खो सकता है?