प्रधानमंत्री द्वारा यूएई की यात्रा के दौरान कई महत्वपूर्ण समझौते हुए हैं जिनमें ऊर्जा सहयोग का समझौता सबसे बड़ा माना जा रहा है. इस यात्रा का मुख्य मकसद ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करना है. इस समझौते के तहत रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा, जो दोनों देशों के लिए ऊर्जा सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है. ऊर्जा सहयोग से आर्थिक और रणनीतिक क्षेत्रों में बेहतर संबंध स्थापित होंगे जो भविष्य में दोनों देशों के लिए लाभदायक साबित होंगे. यह यात्रा ऊर्जा क्षेत्र में नई संभावनाएं और निवेश के अवसर भी लेकर आएगी.

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