पंजाब के फिल्लौर इलाके में बिना नंबर प्लेट वाले ओवरलोड रेत टिपरों की आवाजाही से स्थानीय निवासी परेशान हैं। नवांशहर रोड पर गढ़ा गांव के पास ये वाहन दिन-रात तेज रफ्तार से गुजरते हैं। ग्रामीणों और मीडिया प्रतिनिधियों का आरोप है कि इन टिपरों से सड़क दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है। लोगों के मुताबिक, भारी वाहनों की आवाजाही से सड़कों को भी नुकसान पहुंच रहा है। स्थानीय निवासियों और आंबेडकर सेना के प्रतिनिधियों ने आसपास के क्षेत्रों में अवैध खनन और ओवरलोडिंग होने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सतलुज नदी और आसपास के इलाकों से रेत निकालकर इन वाहनों के जरिए ले जाई जाती है। ग्रामीणों का दावा है कि कई टिपरों पर नंबर प्लेट नहीं होती और उनके पास बीमा तथा चालक की पहचान से संबंधित जानकारी भी उपलब्ध नहीं रहती। इन वाहनों से गिरने वाला पानी और गीली मिट्टी सड़कों पर कीचड़ जमा कर देती है। इससे दोपहिया वाहन चालकों के फिसलने और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस, परिवहन विभाग और प्रशासन को कई बार शिकायतें देने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने बताया कि 112 हेल्पलाइन पर भी सूचना दी गई, लेकिन समस्या बनी हुई है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और पुलिस से अवैध खनन तथा ओवरलोड वाहनों के खिलाफ तत्काल जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, प्रशासन की कथित निष्क्रियता और अवैध खनन से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है। Source: Source Post navigation सिरसा की शिवपुरी में अंतिम संस्कार की फीस पर विवाद, ₹7,400 मांगने का आरोप; गरीब परिवार का वीडियो वायरल छत्तीसगढ़ में राशन वितरण पर सर्वर की मार, त्योहार से पहले खाली हाथ लौट रहे हितग्राही