पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल और राजस्व कामकाज ठप होने को लेकर पूर्व कैबिनेट मंत्री और पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि सरकार डिजिटल इंडिया और सुशासन की बात करती है, लेकिन कोंडागांव में आज भी करीब 100 साल पुराने राजस्व नक्शों के आधार पर जमीन से जुड़े काम हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को नया ऐप लागू करने और डिजिटल सर्वे का दबाव बनाने से पहले जमीन के पुराने रिकॉर्ड दुरुस्त करने चाहिए थे। मोहन मरकाम ने कहा कि राजस्व पटवारी संघ के आह्वान पर प्रदेशभर के पटवारी 13 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। पटवारी PV App में तकनीकी और कामकाज से जुड़ी दिक्कतों, वेतन विसंगति और लंबित पदोन्नति समेत कई मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। हड़ताल के कारण डिजिटल क्रॉप सर्वे, किसान पंजीयन, धान पंजीयन, फौती नामांतरण और आय, जाति व निवास प्रमाण पत्र बनाने जैसे जरूरी काम प्रभावित हो रहे हैं, जिससे किसानों, विद्यार्थियों और आम लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। मरकाम ने कहा कि सरकार को पटवारियों की जायज मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने कोंडागांव की राजस्व व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिले में 1924-25 के बाद आज तक नया राजस्व सर्वे और बंदोबस्त नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार के समय 10 मार्च 2023 को जिले के सभी गांवों में राजस्व सर्वे कराने के लिए राजपत्र जारी किया गया था, लेकिन अब तक सिर्फ एक गांव में ही प्रायोगिक तौर पर सर्वे हो पाया है। Source: Source Post navigation बीबी जागीर कौर की शिरोमणि अकाली दल में वापसी संभव: प्रेम सिंह चंदूमाजरा के बाद विद्रोही गुट को लगेगा दूसरा झटका