बिलासपुर जिले के मल्हार गाँव में ज्ञान भारत अभियान के तहत किए गये अन्वेषण में 3 किलोग्राम वजन वाला 2000 साल पुराना ताम्रपत्र मिला। यह दुर्लभ पृष्ट संजीव पाण्डेय के निवास स्थल के पास उजागर हुआ, जिस पर प्राचीन ब्राह्मी लिपि में पाली भाषा में अभिलेख अंकित हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह ताम्रपत्र प्राचीन साम्राज्यों के राजकीय आदेश या धर्मिक ग्रंथ का हिस्सा हो सकता है, जिससे क्षेत्र के इतिहास और सांस्कृतिक सम्पदा का नया दृष्टिकोण मिलेगा। ताम्रपत्र की खोज ने पुरातत्व विभाग को तत्काल जांच शुरू करने का संकेत दिया है, जबकि स्थानीय जनता इस ऐतिहासिक खोज को गर्व से देख रही है। इस खोज से छत्तीसगढ़ की प्राचीन विरासत पर नई रोशनी पड़ेगी और आगे के अनुसंधान में ब्राह्मी-पाली लिपि के अध्ययन को प्रोत्साहन मिलेगा। Post navigation उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष बनते रवि सोलंकी: महाकाल दर्शन पर सीएम का आभार, सिंहस्थ 2028 पर नई रणनीति रजस्थानी सरकार ने 10 करोड़ चंदन के पौधे लगाने का महाकाव्य योजना तैयार की