मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में इदरीश मोहम्मद, पन्ना ने शिकार करते समय अचानक तेंदुए की दहाड़ सुनी। वन में दो कदम भी न चलते हुए वह जंगल में फँस गया और जानलेवा स्थिति में पड़ गया। जैसे ही तेंदुआ उसे घेर रहा था, वन विभाग के तेज़ फ़ैसले ने मोड़ बदला। विभाग के कर्ता-कारियों ने ‘देसी जुगाड़’ के तहत धुएँ के बर्तन, तेज़ आवाज़ वाले शोर और तेज़ रोशनी से तेंदुए को विचलित किया। यह चतुर उपाय तेंदुए को डराकर दौड़ाने में सफल रहा, जिससे इदरीश को बचाव दल तक पहुँचाया जा सका। बचाव के बाद इदरीश को प्राथमिक उपचार के साथ अस्पताल में भर्ती कराया गया और अब वह ठीक हो रहा है। इस घटना ने दिखा दिया कि स्थानीय ज्ञान और तेज़ कार्रवाई कितनी ज़रूरी है, खासकर जब विश्व तेंदुआ दिवस जैसी व्याख्यात्मक तारीख पर प्रकृति और मानव के बीच संतुलन बनाना आवश्यक होता है।

By AIAdmin