एक स्थानीय परिषद सदस्य ने टेलीफ़ोन कॉल में कॉल हैंडलर को “अंग्रेज़ी में बात करो” कहकर सार्वजनिक गुस्सा बटोर लिया। घटना के बाद उन्होंने तुरंत अपने शब्दों पर खेद जताया और गांव के लोगों से माफी माँगी। परिषद ने इस व्यवहार को अस्वीकार कर सदस्य को आधिकारिक फटकार जारी की, साथ ही भविष्य में ऐसी भाषा के उपयोग से बचने की चेतावनी दी। विशेषज्ञों का कहना है कि सार्वजनिक सेवा में सभी के साथ सम्मानजनक संवाद आवश्यक है, चाहे भाषा कोई भी हो। इस मामले ने स्थानीय भाषा अधिकार और विविधता के प्रति संवेदनशीलता पर चर्चा को भी भड़का दिया। परिषद ने कहा कि यह घटना एक सीख है, और वह अब सभी कर्मचारियों को विविधता-समावेशी प्रशिक्षण प्रदान करेगी, ताकि समानता और सम्मान के मूल्यों को सुदृढ़ किया जा सके। Post navigation सीएम योगी ने हर विद्यार्थी को पौधा लगाने का आह्वान, नदी किनारों पर किया वृहद पौधरोपण अभियान की घोषणा स्कॉटलैंड में ‘अत्यधिक’ अलर्ट के दौरान कई जंगल‑आगें प्रज्वलित