ग्रेटर नोएडा की दीपिका और भोपाल की ट्विशा शर्मा की मौत ने एक बार फिर दहेज प्रथा की भयावह सच्चाई को सामने ला दिया है. पढ़े-लिखे और संपन्न परिवारों में भी दहेज के लिए प्रताड़ना और मौत के आरोप समाज को झकझोर रहे हैं. हर साल हजारों लड़कियां दहेज हिंसा का शिकार होती हैं, लेकिन समाज अब भी इसे सामान्य मानकर चुप रहता है. सवाल है कि आखिर दहेज के इस ज़हर को खत्म कौन करेगा?

🔗 Read original sourceAaj Tak [RAW]