इस बयान से स्पष्ट होता है कि माननीय मुख्यमंत्री जी के मन में किसी धर्म और समाज के प्रति गहरी नफरत मौजूद है. उनके वक्तव्य ने समाज में विभाजन और नफरत की भावना को जन्म दिया है. ऐसे बयान समाज की एकता और सद्भाव के लिए खतरा हैं. नफरत फैलाने वाले विचार सामाजिक समरसता को कमजोर करते हैं और तनाव को बढ़ावा देते हैं. 🔗 Read original source — Aaj Tak [RAW] Post navigation बंगाल में शुभेंदु सरकार के बड़े फैसले घर वाले क्यों नहीं ले गए? ट्विशा की मौत मिस्ट्री में सोशल मीडिया पर उठ रहे ये सवाल