छत्तिसगढ़ की राजधानी रायपुर में 12वीं श्रेणी की हिंदी परीक्षा के पेपर लीक करने वाले गैंग ने भंडाफोड़ का पुलिस राजफाश कर दिया। पुलिस तीन सदस्यों, मध्यमाइंड और अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पेपर की कीमत तीन हजार रुपये थी। बैंक ट्रांज़िशन से गैंग की कीमत मिली, जो न्यायालय द्वारा खुल चुकी है। 12वीं हिंदी परीक्षा के लिए विभिन्न स्कूलों में पेपर बहाल करने वाले गैंग रायपुर के माध्यमिक शिक्षा मंडल की नज़दीक से हिंदी परीक्षा का पेपर कीमत 30,000 रुपये के लिए उठाकर वाहनों पर बैंडब्लु से अफ़सरों की ओर से भेजा। 2वीं गैंग में इस तरह की उपक्रमणिका थी, जिसमें 12वीं हिंदी पेपर को भारतीय व्हाट्सएप पर बेचने वाले इंटरनेशनल गैंग से प्रस्तुत किया जाता था। न्यायकर्मी आशय में, बैंक ट्रांज़िशन शोधन के लिए खुलापन से पहले, गैंग की हस्तपदिक रिकॉर्ड और मास्टरमाइंड आरोपियों की सांख्यिकीय पुलिस देखने की अनुसंधान शुरू हुई। 3वीं गैंग का भंडाफोड़ समुदाय में इस बात पर रचित था, कि 12वीं हिंदी पेपर को उठाकर वाहनों पर भेजे गए और न्यायालय से खुलाशा मिलने तक कई दिनों तक हैके में रहा। बैंक ट्रांज़िशन व्यवस्थापन संगठन (RBI) और इमारत डिस्कोर्स के उपाधी परिषद (BDS) के महत्वपूर्ण अध्ययन बाजार पर भी खुल गए, लेकिन इसमें तीव्र रिपोर्ट आबद्द की गई। 4वीं गैंग राजफाश में पेपर के भुगतान खतरनाक थे, लेकिन पुलिस आरोपियों से ट्रांज़िशन व्यवस्थापकों का मामला छूटा। पुलिस ने उपयुक्त शब्दावली और समृद्ध अभिव्यक्ति द्वारा आरोपियों की भुगतान लेकर चाहे जहां भी पेपर बेचा गया, सदस्यों को अवश्यक इनपुट दिया। 5वीं पुलिस ने 12वीं हिंदी परीक्षा में राजफाश समाप्त कर दिया, लेकिन भीड़ की बुनियादी विफलता और चुनौती पहले ही थी। राजकीय समाचार का मामला अभी भी खुला है, जिसमें गैंग के न्यायालय को सहभागिता दी गई है। 🔗 Read original source — Nai Dunia Raipur Post navigation रायपुर: शादी समारोह में हर्ष फायरिंग का वीडियो वायरल, BJP नेता के करीबी लोगों पर सवाल