छत्तीसगढ़ में भयंकर गर्मी का विरोध है, जिसमें पहले बुधवार को बिलासपुर का अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस हो गया। मौसम विभाग ने रिकॉर्ड पहुंच के साथ इस जलन को ध्यान में लिया, और अगले पांच दिनों तक लू की भ्रमण खात्री जारी कर दी। इस स्थिति की वजह से, शहरों में गनव्याह और घटक गाड़ियाँ लगभग एकदम दौड़ पड़ी है।

पिछले कई वर्षों में, इस रेकॉर्ड गर्मी का अनुभव सबसे जटिल तापमान पहुंच दिए हुए 45 डिग्री को वैश्विक मौसम की घटनाओं का भाग बना। मौसम विशेषज्ञों ने कहा है कि इस सामरिक रेखा पर लू और गर्मी के एक उचित संतुलन में आदमी जीवन को बहाना है।

गर्मी की यह पहुंच विशेष रूप से छत्तीसगढ़ के अभिआबाद और उद्योगकर्ताओं में प्रभाव फैला है, जिन्हें गनव्याह और घटक गाड़ियों की आपत्ति महसूस करना पड़ा। सरकार ने उचित जलन लगाने के लिए सुविधाओं को बढ़ावा देने की योजना शैक्षणिक और प्रबंधन के महत्त्व को जांचते हुए लगा।

गर्मी की इस समय की रेखा ने छत्तीसगढ़ के शहरों में आदिवासी समुदायों की गैर-प्रकल्पित जाति संबंधी चर्चा प्रभावित कर दिया है। स्थिति के फेडरल नुसार, गर्मी का आने की वजह से लोग मौसम और स्वास्थ्य का अध्ययन कर रहे हैं।

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