प्रशांत किशोर जन सुराज पार्टी के फाउंडर हैं और वह अगले चुनाव के लिए नवनिर्माण आश्रम में शिफ्ट कर दिया है। पटना आवास के बंदरगाह से वह बिहार की नवनिर्माण सेवा आश्रम में चले गए हैं। उन्होंने नीतीश कुमार और बिहार सरकार पर तीखा हमला कहा है। यह नई गतिविधि से उनकी लढाई रणनीति में कौन-कौन से परिवर्तन हुए हैं, और बच्चे का पूरा प्लान क्या है? प्रशांत किशोर ने आश्रम में अपने तीखा हमला कहा कि उनका बजट और संसाधन व्यवस्थित रूप से प्रदान किए जाने के लिए मुख्यतः नीतीश कुमार और बिहार सरकार पर आश्वस्त नहीं हैं। उन्होंने लगातार कई योजनाएं दी, जिसमें बहुत से अवसर पैदा हुए। लेकिन वे देखते हैं कि उनके प्रयासों में आग्ला और नीतीश कुमार के बीच अपराध और वित्त संबंधों में डर है। अन्य पार्टी लीडरों ने भी उसका जागरण किया है, और बताया कि वह अब दाखिल हुए आश्रम में अपनी पूरी रणनीति को संशोधित करके चलेगे। उन्होंने बताया कि नई जगह में वे अपने संबंधों को पुन: संशोधित करके और रणनीति को ग्रहण करने का प्रयास करेंगे। नवनिर्माण आश्रम में शिफ्ट करके उन्होंने अपनी लढाई रणनीति का दौर बदला है। वे यह संबोधन कर रहे हैं कि उनकी पहली ध्वज हिजाब नहीं है, लेकिन उन्हें अपनी तकनीकों और संबंधों को सुधारने की आवश्यकता है। बताया गया है कि उन्हें नई छत्तीसगढ़ की जगहों में भी प्रसिद्ध रहने की इच्छा है। एक अधिकांश लड़ाई में, एक समृद्ध आंतरिक रणनीति की ज़िम्मेदारी होती है। नवनिर्माण आश्रम में शिफ्ट करके, प्रशांत किशोर अपनी संबंधों और रणनीति को सुधारने का प्रयास कर रहे हैं। वे लगभग दिया कि उनका अब नया तरीका और रणनीति जो बेहतर समाज को आगे बढ़ावा देगा, है। उन्होंने अपने नई घर की कहानी में भी कुछ ध्यान पूरावशिष्ट नहीं दिए हैं, लेकिन उनका सोचना है कि नई स्थिति में अपने प्रयासों को व्यवस्थित रूप से लागू करेंगे। प्रशांत किशोर ने बताया है कि उनकी पहली अभिप्रायों में विकास और स्थिरता की इच्छा थी, लेकिन आश्रम में शिफ्ट करके उन्हें यह अवसर मिला है और वे अपनी रणनीति को सुधारने के लिए तैयार हैं। उनकी नई गतिविधियों में पर्याप्त बजट और समर्थन की ज़िम्मेदारी है, जो उन्हें अपने चुनाव के लिए आग्रह योग्य बना सकता है। 🔗 Read original source — Aaj Tak Post navigation फलता में दोबारा मतदान, केंद्रीय सुरक्षाबलों तैनात बंदूक छोड़ थाहे कॉफी के मग, बस्तर की बदलती दास्ता