छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में कांग्रेस नेता के बेटे के मर्डर के 3 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। 23 अप्रैल को तीनों नकाब पहनकर सम्मेलाल कश्यप के घर घुसे और उनके बेटे आयुष कश्यप (19) की सिर, सीने में गोली मारकर हत्या कर दी थी। मामला बिर्रा थाना क्षेत्र के करही गांव का है। आरोपियों से पूछताछ में सामने आया है कि, आयुष अपने पिता का रेत गिट्टी का कारोबार संभाल रहा था, बढ़ते रसूख को देखकर आरोपी उसे हटाना चाहते थे। पैसों के विवाद, कारोबार की होड़ और पुरानी रंजिश में सुपारी लेकर वारदात को अंजाम दिया गया। आरोपी पिता की भी हत्या करना चाहते थे। फिलहाल, मामले में मास्टरमाइंड और कुछ सहयोगी अभी भी फरार है। हत्या से जुड़ी तस्वीरें देखिए… गिरफ्तार आरोपियों के नाम- पिता की भी हत्या करना चाहते थे भूषण बघेल ने 2023 मे आयुष के पिता सम्मेलाल की हत्या के लिए 7 लाख रुपए की सुपारी ली थी, लेकिन उस घटना को अंजाम नहीं दे पाया। वहीं अन्य सहयोगी आयुष और उसके पिता सम्मेलाल से व्यवसायिक दुश्मनी रखते थे। हालांकि किसने सुपारी दी थी, उसका खुलासा नहीं हुआ है। वारदात के बाद गुजरात भाग गए थे आरोपी तीनों आरोपी करही गांव के रहने वाले हैं। पुलिस के मुताबिक, उनपर पिछला कुछ कर्ज था, जिसे चुकाने की डील हुई थी। वारदात को अंजाम देकर वे गुजरात भाग गए थे। पुलिस से बचने वहां काम करने लगे थे। पुलिस ने शक होने पर पूछताछ के लिए उन्हें छत्तीसगढ़ बुलाया था, जहां इन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने इनके पास से वारदात में इस्तेमाल की गई एक पिस्टल, उसकी मैगजीन, एक खाली मैगजीन और एक बाइक बरामद की है। अब जानिए पूरा मामला दरअसल, सम्मेलाल कश्यप सीमेंट-रेत व्यवसायी और पूर्व ब्लॉक कांग्रेस उपाध्यक्ष है। 23-24 अप्रैल की रात करीब साढ़े 12 बजे तीन नकाबपोश बदमाश घर में घुसे और परिवार के सदस्यों को निशाना बनाते हुए गोलीबारी शुरू कर दी। हमले के दौरान उनके बड़े बेटे आयुष कश्यप (19) को सिर और सीने में गोलियां लगी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। जबकि छोटा बेटा गंभीर घायल हो गया। माता-पिता को कमरे में किया था बंद बदमाशों ने वारदात से पहले पीड़ित भाइयों के माता-पिता को कमरे में बंद कर दिया था। वे घर से 50-60 रुपए कैश और एक आईफोन लूटकर मौके से फरार हो गए थे। तीनों भाई बहन एक ही कमरे में सो रहे थे मृतक आयुष कश्यप (19) बीएएलएलबी सेकेंड ईयर का छात्र था, वहीं उसका भाई आशुतोष कश्यप (16) 10वीं का छात्र है। वह बिलासपुर में रहकर पढ़ाई करता है। उसकी एक बहन प्रेरणा कश्यप भी है जो कि जगदलपुर जिले के अंजर गांव पोस्ट ऑफिस में बीपीएम पद पर पोस्टेड है। 10 मार्च को प्रेरणा भी छुट्टी पर घर आई थी, गुरुवार रात तीनों भाई बहन एक ही कमरे में सो रहे थे। पिता बोले- रेत के कारोबार की वजह से बेटे की हत्या आयुष के पिता सम्मेलाल कश्यप ने आरोप लगाया था कि रेत के कारोबार को लेकर उनके बेटे की हत्या की गई। उनका कहना है कि 19 साल का आयुष रेत का काम करता था और हाल ही में उसने हाइवा और जेसीबी खरीदे थे, जिसके बाद से वह इस काम में एक्टिव था। 7 राज्यों तक आरोपियों को ढूंढने गई पुलिस कोरबा, जांजगीर और बिलासपुर पुलिस ने मिलकर पूरे मामले में जांच की। पुलिस की अलग-अलग टीमों ने गुजरात, तमिलनाडु, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, ओडिशा, दिल्ली और जम्मू-कश्मीर समेत 7 राज्यों में दबिश दी। इस दौरान 200 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और साइबर टीम लगातार तकनीकी सबूत जुटाने में लगी रही। ट्रेनिंग से लौटने के बाद एसपी विजय कुमार पांडेय सीधे करही गांव पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात की। इसके बाद ही पूरे मामले में ‘ऑपरेशन हंट’ शुरू किया गया। पैसों के विवाद और जलन ने ली जान पूछताछ में आरोपी भूषण बघेल ने पुलिस को बताया कि, उसके भाई ने जो पैसे उधार लिए थे, उसी को लेकर आयुष के परिवार से उनका लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसके अलावा उन्हें आयुष कश्यप की बढ़ती आर्थिक स्थिति और उसके असर से भी जलन थी। इसी पैसों के विवाद, कारोबार की होड़ और बदले की भावना के चलते मिलकर हत्या की साजिश रची गई थी। वारदात से पहले CCTV तोड़ा था पुलिस के मुताबिक, घटना वाली रात आरोपी पहले से ही मृतक के घर के आसपास घात लगाकर बैठे हुए थे। उन्होंने सबसे पहले सीसीटीवी कैमरा तोड़ दिया और फिर घर के अंदर घुस गए। इसके बाद आरोपियों ने आयुष के पिता के कमरे को बाहर से बंद कर दिया और आयुष पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। बीच-बचाव करने आए उनके छोटे भाई को भी गोली मार दी गई। फिलहाल, मामले में मुख्य साजिशकर्ता और अन्य सहयोगियों की तलाश जारी है। : Source Post navigation जिले के 12 बैंकों में 202 म्यूल खाते ट्रेस, 1 करोड़ से ज्यादा का ट्रांजेक्शन भाई ने बहन और भांजे को मारा