AIADMK के विद्रोही विधायकों ने अचानक फैसला बदलते हुए एडप्पाडी के. पलानीस्वामी (ईपीएस) के नेतृत्व में काम करने पर सहमति जताई है। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ दर्ज शिकायतें वापस लेने का फैसला किया है। यह कदम पार्टी में आंतरिक खींचतान को खत्म करने और सुलह की दिशा में बड़ा संकेत है। नेता जल्द ही स्पीकर से मिलकर एकता को औपचारिक रूप देने की योजना बना रहे हैं। विद्रोही विधायकों ने कहा कि वे पार्टी हित में ईपीएस के साथ हैं। इस सुलह से AIADMK को मजबूती मिलने की उम्मीद है। पिछले कुछ हफ्तों से चल रहे आंतरिक घमासान के बाद यह यू-टर्न चौंकाने वाला है। अब पार्टी विधानसभा में मजबूत भूमिका निभाने की कोशिश करेगी। Source: Source Post navigation छत्तीसगढ़: सिंहदेव ने खुद चलाई कार, बगल में भूपेश, FIR के खिलाफ धरना, बघेल बोले- अब आंदोलन होगा ‘नस्लवादी नियम’: शशि थरूर ने याद किया ब्रीच कैंडी क्लब से निकाले जाने का किस्सा