BBAU के एक प्रोफेसर ने गंगा से जुड़े एक पैनल से इस्तीफा दे दिया है। प्रोफेसर ने गोमती परियोजना की मंजूरी में पर्यावरणीय चिंताओं की अनदेखी का आरोप लगाया है। उन्होंने परियोजना की स्वीकृति प्रक्रिया को लेकर आपत्ति जताई है। प्रोफेसर का कहना है कि पर्यावरण से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने इसी कारण पैनल में बने रहने के बजाय इस्तीफा देने का फैसला किया। यह इस्तीफा गोमती परियोजना की पर्यावरणीय मंजूरी को लेकर सवाल खड़े करता है। प्रोफेसर ने परियोजना के संभावित पारिस्थितिक प्रभावों को लेकर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने संबंधित प्रक्रिया में पर्यावरणीय मुद्दों पर गंभीर विचार की जरूरत बताई। पैनल का संबंध गंगा नदी से जुड़े मामलों और संरक्षण प्रयासों से है। प्रोफेसर के इस्तीफे के बाद परियोजना की मंजूरी प्रक्रिया पर चर्चा तेज हो सकती है। मामले में संबंधित अधिकारियों और विशेषज्ञों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है। पर्यावरणीय चिंताओं को लेकर आगे समीक्षा की मांग उठने की संभावना है। Source: Source Post navigation ‘वापस लौटकर राहत मिली, लेकिन वहां फंसे सहयोगी और अन्य लोगों की चिंता सता रही’ लद्दाख में 18,600 फीट की ऊंचाई पर सेना के पायलटों ने किया साहसिक हेलिकॉप्टर रेस्क्यू