तख्तपुर के अभिषेक सेमर ने खेल सुविधाओं के लिए शुरू किया था 20 लाख रुपये का मिनी स्टेडियम, पर दो साल बीतने के बाद भी निर्माण फेज़‑2 में अटका है। बारिश‑से‑बचाव की नाली, बुनियादी प्रकाश और आभासी ग्राउंड संक्रमण से लेकर मैदान की समतलता तक कई बुनियादी कार्य बेकार परे पड़े हैं। स्थानीय फुटबॉल और क्रिकेट खिलाड़ियों ने कहा, “हमारी मेहनत और टैलेंट के बावजूद कोई जगह नहीं, और हमारी आवाज़ सुनाई नहीं देती”। इस देरी के पीछे जिम्मेदारियों पर सवाल उठे हैं: क्या DMF फंड का आधा हिस्सा ही निकाला गया, या प्रशासनिक कागज़ी काम में बाधा है? स्थानीय सांसद और नगर प्रमुख से भी इस प्रोजेक्ट की प्रगति पर स्पष्टता माँगी जा रही है। जनता का भरोसा तोड़ते हुए, अब इन अधिकारियों से उम्मीद की जा रही है कि वे जल्द से जल्द बकाया रुकावटें हटाकर स्टेडियम को पूर्ण रूप से चालू कराएँ, ताकि तख्तपुर के युवा खेल के मैदान में फिर से भरोसा कर सकें। Post navigation इंदौर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल को लोकार्पण के बाद बंद: मैनपावर की कमी से उजागर तैयारी की कमी फिट्ज़पैट्रिक की ऐतिहासिक जीत से छोटे भाई एलेक्स को मिला PGA टूर कार्ड