भारत में पेट्रोल में 20% इथेनॉल ब्लेंडिंग (E20) को कई राज्यों में अनिवार्य किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य कच्चे तेल के आयात को कम करना और ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ाना है। हालांकि इस फैसले को लेकर उपभोक्ताओं में चिंता भी बढ़ रही है। लोगों का कहना है कि E5 या E10 जैसे कम ब्लेंडिंग वाले ईंधन के विकल्प उपलब्ध नहीं हैं। इससे खासकर पुरानी गाड़ियों के प्रदर्शन और माइलेज पर असर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अधिक इथेनॉल मिश्रण से कुछ वाहनों की इंजन क्षमता प्रभावित हो सकती है। वहीं सरकार इसे पर्यावरण और आर्थिक दृष्टि से लाभकारी कदम बता रही है। नीति के तहत देशभर में E20 फ्यूल को बढ़ावा दिया जा रहा है। ऑटोमोबाइल क्षेत्र में इसके अनुकूलन की जरूरत भी बताई जा रही है। यह मुद्दा फिलहाल उपभोक्ताओं और नीति विशेषज्ञों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। Source: Source Post navigation 21 साल से पहले दो कंपनियां बेचने वाले AI उद्यमी ध्रव्या शाह की कहानी से छात्रों को मिली बड़ी सीख डेल टेक्नोलॉजीज ने अपना कानूनी मुख्यालय टेक्सास शिफ्ट करने की योजना को दी मंजूरी, 97% शेयरधारकों ने किया समर्थन