उत्तर प्रदेश के मेरठ के खरखदा में एक त्रासदी ने स्थानीय नज़रें अपनी ओर खींची हैं। हापुड़ निवासी शाहिद, जो स्थानीय ढाबे पर पहलवान की नौकरी करता था, को अपनी प्रेमिका के परिवार ने कई बार मारपीट का सामना करना पड़ा। इकट्ठी हुए गुस्से और डर के कारण शाहिद ने अपनी परेशानियों को सुलझाने का तरीका डरोपली ढंग से चुना—वह मोटरसाइकिल से रेज़ॉर्ट की ओर गया, जहाँ उसने अचानक एक स्याही‑रंग की डिब्बी से जहर पी लिया। इस घातक कदम से उसकी 28 साल की उम्र में जी उठी। पुलिस ने घटनास्थल पर जांच शुरू कर दी है, और प्रेमिका के परिवार के सदस्यों को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया है। इस मामले ने साक्षरता, मानसिक स्वास्थ्य और घरेलू हिंसा के मुद्दों को फिर से उजागर किया है, जहाँ कई बार पीड़ितों को उचित समर्थन न मिलने से वे नाटकीय कदम उठाते हैं। स्थानीय प्रशासन ने यह आश्वासन दिया है कि सभी संबंधित गवाहों और साक्ष्यों को कड़ा दर्जा दिया जाएगा, तथा इस दुखद घटना की पूरी जिम्मेदारी तय की जाएगी।

By AIAdmin