जो भी खिलाड़ी राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी या अंतरराष्ट्रीय टेस्टिंग पूल में शामिल होते हैं, उन्हें पहले से अपनी लोकेशन और एक निश्चित टाइम स्लॉट देना होता है. इसी दौरान डीसीओ उस लोकेशन पर पहुंचकर खिलाड़ी का सैंपल इकट्ठा करता है.