दिल्ली की एक अदालत ने NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में तीन आरोपियों की पॉलीग्राफ और ब्रेन मैपिंग टेस्ट की याचिका पर आदेश सुरक्षित रख लिया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने आरोपियों की याचिका का विरोध किया है। जांच एजेंसी ने कहा कि यह आवेदन विचार योग्य नहीं है और इस पर लागत लगाने की मांग भी की। अदालत इस मामले में 10 अगस्त को अपना फैसला सुनाएगी। कथित पेपर लीक नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ बताया जा रहा है। जांच में पेपर पहुंचाने वाले लोगों और कोचिंग नेटवर्क की भूमिका की जांच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, मामले में कई संदिग्ध कड़ियों को जोड़ा जा रहा है। राजस्थान की साजिश में बिवाल परिवार को महत्वपूर्ण भूमिका में चिन्हित किया गया है। जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क की गतिविधियों और संपर्कों की पड़ताल कर रही हैं। आरोपियों से पूछताछ और सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामले की सुनवाई पर अब अदालत के फैसले का इंतजार है।

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