नेपाल के नए प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने अचानक एक बड़ा कदम उठाते हुए देश भर में 1,500 से अधिक सरकारी नियुक्तियों को रद्द कर दिया। यह निर्णय वित्तीय प्रबंधन को सुदृढ़ करने और नौकरियों के अतिप्रवेश को रोकने के उद्देश्य से लिया गया है। रद्द किए गए पदों में मध्य‑स्तर के अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ और प्रशासनिक सहायक शामिल हैं, जिससे कई विभागों में अभी भी रिक्तियां बनी हैं। शाह सरकार ने कहा है कि यह प्रक्रिया पारदर्शी रूप से की जाएगी और भविष्य में इन खाली पदों को योग्य उम्मीदवारों को फिर से नियुक्त करके भरने पर बल दिया जाएगा। आर्थिक माहौल को स्थिर करने के लिये सार्वजनिक खर्च को कम करने की जरूरत को देखते हुए यह कदम आलोचा और समर्थन दोनों का कारण बन रहा है। प्रमुख विपक्षी नेताओं ने इसे रोजगार संकट बढ़ाने वाला बताया, जबकि कई आर्थिक विशेषज्ञ इसे राजकोषीय अनुशासन की दिशा में सकारात्मक कदम मानते हैं। Post navigation डॉक्टर की लापरवाही से हुई मौत: गलत इंजेक्शन के आरोप रास्ते को लेकर दो पक्षों में भड़की हिंसक झड़प, लाठी-डंडे और ईंट-पत्थर की बौछार, एक ही परिवार के तीन सदस्य बख्ते हुए