छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने प्राकृतिक आपदा में मुआवजे को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने कहा कि आंधी-तूफान और तेज बारिश के दौरान पेड़ गिरने से हुई मौत को भी प्राकृतिक आपदा से हुई मृत्यु माना जाएगा। हाईकोर्ट ने राजस्व विभाग के उस आदेश को रद्द कर दिया जिसमें मुआवजा देने से इनकार किया गया था। अदालत ने राज्य सरकार को मृतक के परिवार को अनुग्रह सहायता देने का निर्देश दिया है। सरकार को 30 दिनों के भीतर चार लाख रुपये की सहायता राशि देने को कहा गया है। यह फैसला प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित परिवारों के अधिकारों को मजबूत करता है। अदालत ने माना कि ऐसी घटनाएं आपदा की परिस्थितियों से जुड़ी होती हैं। इस निर्णय से प्रभावित परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है। फैसला मुआवजा दावों की व्याख्या में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हाईकोर्ट ने प्रशासन को पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदनशील रुख अपनाने का संदेश दिया है। Source: Source Post navigation शिवमोग्गा: 2022 हत्या मामले में दोषी को आजीवन कारावास, हमले का विरोध करने पर की थी महिला की निर्मम हत्या ग्रेटर नोएडा हॉस्टल को छात्र को 30 हजार रुपये लौटाने का आदेश, खराब सुविधाओं पर कोर्ट की कार्रवाई