उत्तप्रदेश सरकार ने महिला शिक्षामित्रों (शिक्षा सहयोगी) के कार्यस्थल को परिवार के नज़दीक लाने का निर्णय लिया है। उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित एक विशेष सभा में कहा कि अब महिला शिक्षामित्रों को अपने ससुराल या मायके से दूर जाकर काम नहीं करना पड़ेगा; उन्हें उनके आवासीय नज़दीक स्थानों पर नियुक्त किया जाएगा। इस दिशा-निर्देश से महिलाओं की सुरक्षा, पारिवारिक संतुलन और कार्य‑जीवन संतुलन में सुधार की संभावना है। योजना के अंतर्गत, नियुक्ति प्रक्रिया में क्षेत्रीय मांग, व्यक्तिगत स्थिति और स्थानीय विद्यालयों की आवश्यकताओं को प्राथमिकता दी जाएगी। सरकार का मानना है कि यह पहल महिलाओं के शैक्षिक कार्य में भागीदारी को बढ़ाएगी और ग्रामीण‑शहरी अंतर को कम करेगी। इस घोषणा के बाद शिक्षा विभाग ने तेज़ी से लागू करने के लिए एक कार्यकारिणी समिति का गठन किया है। प्राथमिक उद्देश्य यह है कि अधिकतर महिलाएँ अपने घर के करीब रहकर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सेवाएँ प्रदान कर सकें, जिससे सामुदायिक स्तर पर शैक्षणिक परिणामों में सुधार हो सके।