पश्चिम बंगाल में भाजपा-सम्राट की जीत के बाद बिहार सरकार ने कल शाम को नई कैबिनेट का विस्तार करने का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आगामी शपथ समारोह में 27 नए मंत्रियों को सम्मिलित करने की घोषणा की, जिसमें सम्राट चौधरी के सहयोगियों को प्रमुख पदों पर रखा जाएगा। इस में भाजपा, जेडीयू तथा अन्य गठबंधन पार्टियों के प्रतिनिधियों को समान比例 पर नियुक्त किया जाएगा, जिससे गठबंधन में संतुलन बना रहे।

नए मंत्रियों में कई बार‑बार आए चेहरों के साथ-साथ युवा और प्रथम बार मँत्री पद ग्रहण करने वाले व्यक्तियों का मिश्रण है। प्रमुख पोर्टफोलियो में जलसंधारण, ग्रामीण विकास, शिक्षा और स्वास्थ्य को संभालने वाले प्रमुख व्यक्तियों को स्पष्ट रूप से नामित किया गया है।

कैबिनेट विस्तार के बाद बिहार सरकार का कहना है कि यह कदम राज्य के विकास कार्यों को तेज़ी से आगे बढ़ाने के लिए लिया गया है। कांग्रेस और अन्य विरोधी दलों ने इस विस्तार को केवल वोटों की गिनती बढ़ाने के प्रयास के रूप में संक्षेपित किया है, पर सरकार ने इसे सामाजिक-आर्थिक सुधारों के लिए आवश्यक माना।

शपथ समारोह के बाद नई सरकार की नीति दिशा और कार्यकाल के प्रमुख एजेंडे पर चर्चा की जाएगी, जिसमें विशेष रूप से कृषि, बुनियादी ढांचा और रोजगार सृजन को प्राथमिकता दी जाएगी।